36 घंटे बाद शिक्षकों का आमरण अनशन खत्म – Hindustan हिंदी

नौ सूत्री मांगों को लेकर जिला शिक्षा कार्यालय परिसर में बुधवार से बिहार पंचायत नगर शिक्षक संघ का जारी अनिश्चितकालीन आमरण अनशन 36 घंटे बाद डीईओ और डीपीओ के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में लगभग एक दर्जन शिक्षक आमरण अनशन पर थे। इनमें एक शिक्षक की स्थिति भी खराब हो गयी। हालांकि बाद में उसे प्राईवेट नर्सिंग होम में दिखाया गया। श्री सिंह ने कहा कि सहमति बनने के बाद सितम्बर माह का जीओबी का भुगतान बैंक भेजा जा रहा है। सितम्बर माह का वेतन भुगतान पुरानी प्रक्रिया से किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आगे के भुगतान के लिए विभाग से मार्गदर्शन लिया जाएगा। दक्षता फेल शिक्षकों के मुद्दे पर डीपीओ ने साफ तौर पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनिवार्य रूप से पालन करेंगे और शिक्षा विभाग के डायरेक्टर से बात कर एक सप्ताह के अंदर दक्षता फेल के मामले का निदान करेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार के नियोजित शिक्षकों को सातवें वेतन का लाभ मिला है। उसका निर्धारण जिला में अभी तक नहीं हुआ है। श्री सिंह ने बताया कि वात्र्ता में निर्णय लिया गया है कि अब सॉफ्टवेयर के माध्यम से नहीं बल्कि मैन्युअली वेतन का निर्धारण छठ पर्व के बाद किया जाएगा। त्रिवेणीगंज प्रखंड सहित सभी प्रखंड के शेष बचे शिक्षकों का अंतर वेतन भुगतान का कार्य छठ के बाद पूरा किया जाएगा। इसके बाद डीईओ, डीपीओ (स्थापना) और अवकाश रक्षित पदाधिकारी ने जूस पिलाकर शिक्षकों का आमरण अनशन समाप्त कराया। मौके पर श्रवण चौधरी, नीरज सिंह, राकेश रंजन, मनोज रजक, राजीव झा, अखिलेश बहादुर, राजेन्द्र सिंह, सत्यनारायण राम, अरुण राउत, शंभु राम, पवन कुमार के अतिरिक्त मधेपुरा जिलाध्यक्ष रणधीर यादव, हरेराम कुमार, रोशन कुमार, अनिल कुमार, मुनेश्वर सिंह, दीपक पासवान, राजीव कुमार रंजन, संजीत कुमार भारती, महेश कुसयेत, रजाउर रहमान, कुणाल पटेल, रूपेश वर्मा, एहतेशामूल हक, अजीत राय, सतंजीव झा, सोनू झा, दुर्गेश चौधरी, विजेंद्र राम आदि मौजूद थे। शिक्षकों से बात करते डीईओ, डीपीओ सहित अन्य अधिकारी। फोटो: हिन्दुस्तान

Source Article from http://www.livehindustan.com/bihar/supaul/story-36-hours-after-teachers-fasting-hunger-strike-1615131.html

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