सरकारी उपेक्षा का शिकार बना है पीरी बाजार का लक्ष्मण कुण्ड – Hindustan हिंदी

पीरी बाजार थाना क्षेत्र के पूर्व दिशा में स्थित छोटी पहाड़ी की शृंखलाओं के गोद में बसा लक्ष्मण कुण्ड क्षेत्रवासियों के लिए एक अमूल्य उपहार है। कुण्ड के ऊपर पहाड़ी पर देवी-देवताओं के मंदिर हैं। यहां स्नान कर लोग पूजा अर्चना करते हैं।

पूर्व में यहां छोटी पहाड़ी के छिद्र से दो तीन जगहों से झरना के रूप में जल निकलता था जो आगे जाकर नदी में मिल जाता था और यहां लोग स्नान करने आते थे। इसी दौरान पीरी बाजार थाना के एक लक्ष्मण नाम के पदाधिकारी ने इस अनुपम छटा को देखा और मंत्रमुगध हो इसे स्थानीय लोगों के सहयोग से इसे कुंड का रूप दे दिया। बाद में पहाड़ के ऊपर मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ी का निर्माण कराया गया। वर्तमान समय में इस कुंड की देखरेख नहीं होने के कारण यह प्रकृति का अनुपम उपहार उपेक्षित पड़ा है।

गर्मी में ठंडा और सर्दी में गुनगुना : पहाड़ी के नीचे उस कुण्ड में पर्वत की दरारों एवं छिद्र से जल निकलता रहता है। इस लक्ष्मण कुण्ड की खासियत यह है कि गर्मी के मौसम में ठंडा जल निकलता है वहीं ज्यों-ज्यों ठंड बढ़ती जाती है इससे गर्म जल निकलता है जिसके कारण प्रतिदिन यहां सैकड़ों की संख्या में आकर लोग स्नान करते हैं ।

पिकनिक स्पॉट बन गया है कुण्ड : समय-समय पर धार्मिक अनुष्ठान होते रहने विभिन्न अवसरों पर मेले लगने के कारण प्रकृति का अनुपम उपहार व नयनाभिराम दृश्य को देखने के लिए अक्सर लोग आते रहते हैं। एक जनवरी को पिकनिक मनाने को लेकर भी यहां लोग आते हैं, वहीं पूरे कार्तिक मास में सुबह में स्नान के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है एवं सालोंभर लोग यहां आकर प्रकृति के अनुपम सौंदर्य का दर्शन करते हैं।

प्राकृतिक सौंदर्य की छटा निराली : लक्ष्मण कुण्ड प्राकृतिक सौंदर्य के दृष्टिकोण से भी अत्यंत रमणिक स्थान है। पर्यटन की भी यहां अपार संभावनाएं है। अगर इसे पर्यटन की दृष्टिकोण से बढ़ावा मिले तो क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में भी समृद्घता आयेगी। मगर स्थानीय जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधि की उपेक्षापूर्ण नीति के कारण इसका विकास अवरुद्घ है।

चर्म रोग से मिलती है मुक्ति : लक्ष्मण कुण्ड में कई लोग आरोग्य सुख की कामना लेकर भी आते हैं और कुण्ड के जल में स्नान सेवन करते हैं । यह प्रमाणिक तथ्य है कि इस कुण्ड के जलस्रोत से गंधक एवं जड़ी बूटी युक्त जल निकलता है। जिसके सेवन से चर्म रोग से मुक्ति मिलती है।

सिंचाई के लिए उपलब्ध होता है पानी : चारों ओर से घिरे यहां एक ही परिसर में तीन कुण्ड हैं जिसमें बड़े कुण्ड से होते हुए बीच वाले में और उसके बाद तीसरे कुण्ड में पानी आता है और फिर पास के नदी में पानी गिर जाता है। आसपास के किसानों को कुंड के जल से सिंचाई की भी सुविधा उपलब्ध हो जाती है।

Source Article from http://www.livehindustan.com/bihar/lakhisarai/story-lack-of-piri-bazar-is-a-victim-of-government-neglect-1593940.html

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