सद्भावना यात्रा के माध्यम से सांप्रदायिक सौहार्द कायम करने का प्रयास – Hindustan हिंदी

कौन कहता आसमां में सुराग नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो…यह युक्ति जमुई के तनाव ग्रस्त माहौल और उसे पाटने की कोशिश के संदर्भ में कही जा सकती है।

समाज सेविका स्मृति के प्रयास से जमुई में सांप्रदायिक सौहार्द का एक नया वातावरण बना। स्मृति का मानना है कि लहरों से डरकर नौका पार नही ंहोती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। शायद ऐसा ही सोचकर गुरुवार को स्मृति पासवान के नेतृत्व में शहर में सद्भावना यात्रा निकाली गयी। यात्रा में शहर के कई महिला-पुरुष, बुद्धिजीवि के साथ-साथ गणमान्य लोग आगे-आगे चल रहे थे तो कई स्कूलों के बच्चे बैंड के धून पर शांति के संदेश दे रहे थे। बाजार के कई चौक-चौराहों पर रुक-रुककद सदभावना यात्रा में शामिल लोग हम होंगे कामयाब एक दिन के उत्साहवर्द्धन करने वाले गीत गा रहे थे। कुल मिलाकर कारवां बढ़ता जा रहा है।

मुख्य चौक चौराहों से होकर निकला सद्भावना मार्च

स्टेडियम के मैदान से निकाला गया सदभावना यात्रा महाराजगंज, थाना चौक, खैरा मोड़, पंचमंदिर, महिसौड़ी,महाराजगंज होते हुए पुन: स्टेडियम के मैदान में समाप्त हुआ। इस दौरान समाजसेविका स्मृति पासवान ने कई जगहों पर रूक-रूक कर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जमुई में एक अच्छा वातावरण बनाना हम सबों की जिम्मेदारी बनती है। अगर हम ऐसा नही करते हैं तो आने वाली पीढ़ी हमें माफ नही करेगी। आज के समय सांप्रदायिकता का नही बल्कि विकास का है।

विकास तभी होगा जब समाज के हर जाति धर्म के लोग आगे आयेंगे। उन्होंने कहा कि इस शहर में आपही को रहना हेै। हमारा तो आये गये वाली स्थिति है। ऐसे में हमारा एक प्रयास है कि जमुई में ऐसी सदभावना और मिल्लत का वातावरण बने जो दूर तलक अच्छा संदेश दे। इस मौके पर मनोज कुमार सिन्हा, रूपेश सिंह, निरंजन सिंह, अंजली, सोनाली, प्रिया, राज सिन्हा, सुप्रिया सिन्हा, बी अभिषेक सहित कई लोग सदभावना यात्रा में हिस्सा ले रहे थे।

Source Article from http://www.livehindustan.com/bihar/jamui/story-attempts-to-establish-communal-harmony-through-goodwill-tour-1594032.html

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