मोटर जलने से पच्चीस हजार की आबादी पानी को मोहताज – Hindustan हिंदी

करोड़ों रुपए की लागत से बैकुंठपुर प्रखंड मुख्यालय में बनी जलमीनार से पिछले डेढ़ माह से पानी नहीं टपक रहा है। जलापूर्ति के लिए लगा मोटर पिछले डेढ़ माह से जला हुआ है। लेकिन इसे बदलने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की ओर से फिलहाल किसी तरह के प्रयास नहीं किया जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में प्रखंड मुख्यालय के पच्चीस हजार से अधिक की आबादी पेयजल की गंभीर समस्या से जूझ रही है। मालूम हो कि प्रखंड मुख्यालय के अलावे दिघवा दुबौली बजार , खजुहट्टी और दिघवा गांवों के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए करीब सात करोड़ रुपए की लागत से चार जल मीनार का निर्माण एक साथ पूरा कराया गया था। वहीं गम्हारी गांव में एक करोड़ तीस लाख की लागत से पांचवी जलमीनार बनाया गया। लेकिन फिलहाल प्रखंड मुख्यालय व दिघवा पानी टंकी संयंत्रों की खराबी के कारण बंद पड़ी है। कई जगहों पर अब भी पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है। वैसे प्रखंड मुख्यालय स्थित जलमीनार से पाईप लाइन सप्लाई बंद रहने से दर्जनों नलों से पानी नहीं टपक रहा है। प्रखंड कार्यालय , अंचल कार्यालय , आरटीपीएस काउंटर , बीआरसी , सीडीपीओ ऑफिस , एसएफसी गोदाम , मनरेगा ऑफिस , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , पावर सब स्टेशन सहित अन्य सरकारी कार्यालयों में अपने कार्यों का निष्पादन को लेकर आने वाले लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। हालांकि इस संबंध में पूछे जाने पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कनीय अभियंता ने बताया कि बंद पड़े जलमीनार को शीघ्र ही चालू किया जाएगा।

Source Article from http://www.livehindustan.com/bihar/gopalganj/story-people-are-passionate-about-burning-water-1622463.html

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