मिट्टी जांच के बाद ही किसान करें खेती – Hindustan हिंदी

किसान मिट्टी जांच कर ही अपने खेतों में बोआई करें। ताकि उन्हें क्षमता से अधिक उर्वरक के इस्तेमाल नहीं करना पड़े। साथ ही पैदावार भी अच्छा हो। यह बातें टाउन हॉल में आयोजित रबी कर्मशाला में उपस्थित कृषि विभाग के कर्मियों व किसानों को संबोधित करते हुए जिला नोडल पदाधिकारी राकेश कुमार रंजन ने कही। उन्होंने कहा कि किसानों को कम खर्च में अधिक उपज ही विभाग का लक्ष्य है। वहीं किसानों को वर्मी कम्पोष्ट के उपयोग अधिक से अधिक करें। इसके लिए भी किसानों को किसान सलाहकार एवं कृषि समन्वयकों द्वारा प्रेरित किया जाना चाहिए। कहा कि सरकार लगातार किसानों को खेती में आर्थिक बचत के लिए बीज व कृषि यंत्रों के खरीदारी करने में अनुदान दी जाती है। कार्यशाला के दौरान पावर पांइट प्रजेन्टेशन के माध्यम से कार्यशाला के दौरान जानकारी दी गई। वहीं जिला कृषि पदाधिकारी दिनकर प्रसाद ने कहा कि विभाग द्वारा जीरो टीलेज प्रतिरक्षण के तहत 2680 रुपए प्रति एकड़ अनुदान दी जाएगी। वहीं मसूर में एनएफ एसएम योजना के तहत बीज वितरण योजना के तहत प्रति एक क्विंटल बीज पर 25 सौ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। जबकि राजमा के बीज पर तीन हजार रुपए प्रति एकड़ का अनुदान किसानों को अनुदान दिया जाएगा। वहीं प्रमाणित बीज 55 सौ रुपए प्रति क्विंटल गेहूं के बीज पर अनुदान दी जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना के तहत गेहूं,चना व मसूर योजना की भी जानकारी दी गई। वहीं बीज ग्राम योजना, एनएफएसएम योजना के तहत दलहन व मक्का प्रतिरक्षण योजना का भी लाभ किसानों को दिया जाएगा। हरित क्रांति योजना के तहत गेहूं, जीरो टीलेज प्रतिरक्षण, सुक्ष्म पोषक तत्व अनुदानिदत दरों पर किसानों के बीच वितरण किया जाएगा। इसके अलावा कृषि यंत्रों में भी अनुदान दिया जाएगा। किसान अपने जरुरत के कृषि यंत्रों की खरीदारी करने के लिए ऑन लाइन कर आवेदन कर सकते हैं। किसानों को कृषि यंत्रों की खरीदारी करने के लिए ऑनलाइन आवेदन के आधार पर स्वीकृति दी जाएगी और खरीदारी के बाद किसानों को अनुदान दी जाएगी। वहीं मिट्टी जांच के रिपोर्ट के तहत सलाहकार व समन्वयक को रब्बी फसल के बोआई से पूर्व प्राप्त लक्ष्य के मुताबिक मिट्टी जांच को पूरा करने का निर्देश दिया गया। वहीं वर्ष 2015-16 व 2016-17 में मिट्टी जांच रिपोर्ट कार्ड वितरण क े पंजी भी जमा करने का निर्देश दिया। कार्यशाला में पौधा संरक्षण के सहायक निदेशक अरविंद कुमार अमर, बीएओ गोपाल रंजन, संजय चौधरी, राजेश कुमार, श्रवण कुमार, अभिमन्यु कुमार, आशुतोष कुमार, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, केवीके के जितेन्द्र कुमार, कृषि समन्वयक निरंजन हजारी, बच्चन कुमार , पंकज कुमार, सुमंत कुमार समेत काफी संख्या में कृषि सलाहकार व कृषि समन्व्यक आदि मौजूद थे।

Source Article from http://www.livehindustan.com/bihar/khagaria/story-farmers-should-cultivate-only-after-soil-check-1592722.html

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