कटिहार में मदर टेरेसा बन कुष्ठ रोगियों को खोजेंगी सेविका – Hindustan हिंदी

राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मुलन कार्यक्रम के तहत जिले में कुष्ठ रोगियों को खोजा जायेगा। इसके लिए जिले के सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षण देने का कार्य रविवार को शुरू कर दिया गया है। सदर अस्पताल के सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में आंगनबाड़ी सेविकाओं को बताया गया है कि वह मदर टेरेसा बनकर कुष्ठ रोगियों को खोजें। उन्हें सरकार की ओर से उचित राशि दिया जायेगा।

प्रशिक्षक सह डीएनटी अब्दुल इकबाल ने कहा कि कुष्ठ रोगी खोज अभियान में भाग लेने वाले प्रति सेविका को पचास रुपये, रोगी खोजने पर प्रति रोगी 250 रुपये, छह माह तक कुष्ठ रोगी खोजने पर प्रति रोगी 400 रुपये, एक साल तक कुष्ठ रोगी खोजने पर 600 रुपये प्रति रोगी, दिव्यांग कुष्ठ रोगी खोजने पर 250 रुपये प्रति रोगी की दर से दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में 35-35 खोजी टीम का गठन किया गया है जिसमें 7050 खोजी सदस्य शामिल रहेंगे। इस कार्य का पर्यवेक्षण के लिए 176 पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि जिला को कुष्ठ रोगियों से मुक्त जिला बनाने के लिए इस अभियान में पांच लाख रुपये से अधिक खर्च करने की सरकार ने योजना बनायी है। प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन चरण में आयोजित किया जायेगा। मौके पर धीरेंद्र कुमार, राहुल कुमार आदि ने एक्शन प्लान बनाने, रोगियों की पहचान करने, रोग के लक्षण, उसके निदान तथा रोगी खोजने के फायदा से अवगत कराया गया है। मौके पर सेविकाओं ने कुष्ठ रोगियों को खोजने में होने वाले परेशानियों से अवगत करया। मालूम हो कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला संचार रोग पदाधिकारी को रहना था लेकिन वह रविवार को अनुपस्थित नजर आये। इससे यह पता चलता है कि विभाग के वरीय पदाधिकारी कितने सक्रिय व तत्पर है। जरूरत है कि जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र व सिविल सर्जन डा. राघवेंद्र नारायण सिंह द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम में लापरवाह पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की ताकि सरकार की योजना को सफलता पूर्वक जमीन पर उतराने में परेशानी न हो।

Source Article from http://www.livehindustan.com/bihar/katihar/story-mother-teresa-found-leprosy-patients-in-katihar-1618088.html

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