एडवोकेट एक्‍ट के विरोध में सड़क पर उतरे वकील, कोर्ट कार्य बाधित

एडवोकेट एक्‍ट के विरोध में सड़क पर उतरे वकील, कोर्ट कार्य बाधितएडवोकेट एक्‍ट के विरोध में सड़क पर उतरे वकील, कोर्ट कार्य बाधित

पटना [राज्य ब्यूरो]। प्रस्तावित एडवोकेट (संशोधन) विधेयक (2017) के विरोध में पटना हाईकोर्ट सहित किसी भी स्तर की न्यायालयों के वकीलों ने दूसरी पाली में न्यायिक कार्यवाही में भाग नहीं लिया। एक लाख वकीलों के काम से अलग रहने के कारण न्यायिक कार्य पूरी तरह से बाधित रही। वकील प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि पटना हाईकोर्ट सहित किसी भी प्रकार के न्यायालयों में वकीलों ने कार्य नहीं किया।
पटना हाईकोर्ट के तीनों अधिवक्ता संघ के आह्वान पर दोपहर के 1.30 को हाईकोर्ट पश्चिमी गेट के सामने अम्बेडकर की आदमकद मूर्ति के समक्ष जमा हुए सैकड़ों की संख्या में वकील जुटे। वकीलों ने विधि आयोग के अध्यक्ष बीएस चौहान के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही उन्हें तुरंत अध्यक्ष पद से हटाने की मांग करने लगे।
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इस कारण विधेयक का है विरोध
काम में लापरवाही करने एवं अनुशासन तोडऩे पर वकीलों देना होगा जुर्माना
वकीलों को उपभोक्ता आयोग द्वारा तय नियमों के मुताबिक मुवक्किलों को देना होगा जुर्माना
वकील हड़ताल पर गये तो उनपर कार्रवाई कर लिया जाएगा जुर्माना
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वकीलों को दंडित करने के लिए अधिकारी होंगे सक्षम
जज चाहें वकील बंद सकते हैं वकालत
राज्‍यपाल को सौंपा ज्ञापन

हाईकोर्ट के वकील प्रतिनिधियों ने राज्यपाल रामनाथ कोविंद को ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया। राज्यपाल ने केन्द्र सरकार को सारी स्थितियों की जानकारी देकर सूचित करने का भरोसा दिया। राज्यपाल से मिलने गए वकील प्रतिनिधियों में महाधिवक्ता-सह-स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष राम बालक महतो, बार काउंसिल के पूर्व सदस्य रमाकांत शर्मा, हाईकोर्ट के तीन अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष योगेश चन्द्र वर्मा, महासचिव प्रेम कुमार झा, बार एसोसियेशन के अध्यक्ष पीएन शाही, लॉयर्स एसोसियेशन के अध्यक्ष उमाशंकर व अन्य शामिल थे।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने दिल्ली से जानकारी दी कि पूरे देश के वकीलों आंदोलन का समर्थन दिया। उन्होंने वकीलों की इस एकता के लिए देश भर के 15 लाख वकीलों को धन्यवाद दिया। उन्होने यह भी बताया कि वकीलों इतने गुस्से में हैं कि वे सिर्फ प्रस्तावित नियमावली को ही वापस नहीं कराना चाहते बल्कि विधि आयोग के अध्यक्ष को जल्दी से हटाने के मूड में हैं।
न्यायालयों में सन्नाटा पसरा

उधर स्टेट बार काउंसिल के पूर्व उपाध्यक्ष कामेश्वर प्रसाद पांडेय ने जानकारी दी कि जिला अदालतों में 10 बजे के बाद वकील कोर्ट से निकल गए। वकील सड़कों पर उतर कर एडवोकेट विरोधी विधेयक का विरोध करने लगे। अनुमंडल स्तर के न्यायालयों में कार्य नहीं हुआ।

वरीय अधिवक्ता योगेश चन्द्र वर्मा जानकारी दी कि यह दूसरे चरण का आंदोलन था। पहले चरण में 31 मार्च को दिन भर वकीलों ने कार्य बहिष्कार किया। हाईकोर्ट मे महिला अधिवक्ताओं ने भी आंदोलन में हिस्सा लिया। कोषाध्यक्ष डा.पूनम सिंह के नेतृत्व में विधि आयोग की प्रतियां जलाई।

Source Article from http://www.jagran.com/bihar/patna-city-15894764.html

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