‘आखिरी जंग’ नाटक में चली असली गोली, घायल हीरो पहुंचा अस्पताल – आज तक

गांव और कस्बों में अक्सर छोटे-बड़े नाटकों का मंचन होता रहता है. राजधानी दिल्ली में जहां बड़े-बड़े ऑडिटोरियम इन नाटकों का गवाह बनते हैं तो गांव-देहात में सुविधाओं के अभाव में छोटे स्तर पर ही इनका मंचन किया जाता है. लेकिन मनोरंजन के लिए नाटक एक प्रबल माध्यम साबित होता आया है. अब अगर किसी नाटक के दौरान मंच पर नायक को ही असली गोली लग जाए तो मामला संगीन हो जाता है.  

बिहार के सीतामढ़ी में बथनाहा इलाके में भी कुछ ऐसी ही घटना घटी. यहां नाटक का मंचन चल रहा था तभी अचानक एक गोली नाटक के नायक को लगती है और उसकी जांघ को चीर कर निकल जाती है. देखते ही देखते नायक जमीन पर ढेर हो जाता है. लेकिन यह घटना नाटक का हिस्सा नहीं थी और न ही नायक को लगी गोली नकली बंदूक से निकली थी. यह हकीकत की घटना थी, जहां ‘आखिरी जंग’ नाम के नाटक में अभिनय के दौरान कलाकार को गोली लग गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां अब वह जिंदगी की जंग लड़ रहा है.

बथनाहा थाना क्षेत्र के पंचगछिया गांव में नाटक के नायक राजीव कुमार उर्फ छोटन जैसे ही अभिनय के लिए मंच पर आते हैं उन्हें गोली लग जाती है और वो मंच पर ही गिर जाते हैं. यहां लगे लाउड स्पीकर की तेज आवाज में किसी ने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी बाद में स्टेज पर खून से लथपथ नायक पर जब लोगों का ध्यान गया तो अफरा-तफरी मच गई. आनन-फानन में उसे सीतामढ़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां आईसीयू में उसका इलाज चल रहा है.

सबसे बड़ी बात यह रही कि मौके पर गोली कब चली, कैसे चली और कहां से चली किसी ने नहीं देखा जबकि नाटक देखने के लिए सैकडों लोग यहां जमा हुए थे. लापरवाही पुलिस की तरफ से भी देखने को मिली, जिसे वारदात की सूचना 20 घंटे बाद मिली. डाक्टरों का कहना है कि घायल के अस्पताल पहुंचते ही पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई थी लेकिन पुलिस ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार किया है.

Source Article from http://aajtak.intoday.in/story/firing-play-sitamarhi-bihar-police-injured-artist-hospital-1-961400.html

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